NEET के बिना भी मेडिकल फील्ड में बना सकते हैं शानदार करियर, BSc Nursing और Paramedical कोर्स बने युवाओं की पहली पसंद

Delhi: हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन सीमित सीटों और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण सभी को एमबीबीएस में दाखिला नहीं मिल पाता। ऐसे में अब मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के लिए बीएससी नर्सिंग और बीएससी पैरामेडिकल कोर्स युवाओं के लिए मजबूत विकल्प बनकर उभरे हैं। खास बात यह है कि इन कोर्सों के जरिए न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी बेहतर करियर और आकर्षक वेतन के अवसर उपलब्ध हैं।

बीएससी नर्सिंग चार वर्षीय डिग्री कोर्स है, जिसमें मरीजों की देखभाल, अस्पताल प्रबंधन, सामुदायिक स्वास्थ्य और क्रिटिकल केयर से जुड़ी पढ़ाई कराई जाती है। नर्सिंग प्रोफेशनल्स अस्पतालों में मरीजों के सबसे करीब रहकर उनकी देखभाल और उपचार प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं बीएससी पैरामेडिकल कोर्स मेडिकल तकनीक और डायग्नोस्टिक सेवाओं पर आधारित होता है। इसके अंतर्गत रेडियोलॉजी, फिजियोथेरेपी, ऑप्टोमेट्री और ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी जैसे विषय शामिल हैं।

वर्तमान समय में कई प्रतिष्ठित संस्थानों में इन कोर्सों में प्रवेश के लिए नीट यूजी और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं के स्कोर को महत्व दिया जा रहा है। इससे छात्रों को आधुनिक सुविधाओं और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं वाले संस्थानों में पढ़ने का अवसर मिलता है।

रोजगार की बात करें तो नर्सिंग और पैरामेडिकल दोनों क्षेत्रों में शुरुआती वेतन 2.5 लाख से 4 लाख रुपये वार्षिक तक हो सकता है। अनुभव बढ़ने के साथ आय और पद दोनों में तेजी से वृद्धि होती है। सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग अधिकारियों को आकर्षक वेतन मिलता है, जबकि पैरामेडिकल विशेषज्ञ अपनी डायग्नोस्टिक लैब स्थापित कर या विदेशों में नौकरी करके बेहतर कमाई कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी छात्र को मरीजों के साथ सीधे काम करना पसंद है तो नर्सिंग बेहतर विकल्प हो सकता है, जबकि तकनीकी और डायग्नोस्टिक कार्यों में रुचि रखने वालों के लिए पैरामेडिकल क्षेत्र अधिक उपयुक्त साबित हो सकता है।

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